“उपमा” की कल होने वाली अहम बैठक से बेहड़ गुट ने किनारा किया

देहरादून:दो गुटों में बटी उत्तरांचल पंजाबी महासभा को एकजुट करने की कवायद को एक बार फिर झटका लगा है,कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा के निवास पर कल सोमवार को होने वाली अहम बैठक से बेहड़ गुट ने किनारा कर लिया है। इस आशय की जानकारी उत्तरांचल पंजाबी महासभा के महामंत्री हरीश नारंग ने दी। श्री नारंग ने बताया कि उत्तरांचल पंजाबी महासभा रजिस्टर्ड संस्था विगत 25 वर्षों से पंजाबी समाज की संस्कृति विरासत को सहेजने और पंजाबी समाज को जोड़ने का कार्य निरंतर करती आ रही है ।
उत्तराखंड राज्य निर्माण के तुरंत बाद ही श्री राममूर्ति कपूर “वीर जी”श्री तिलक राज बेहड जी स्वo हरबंस कपूर ,सत्यपाल कोचर श्री राकेश ओबेरॉय, सुभाष कोहली जी, राजकुमार अरोड़ा, प्रदीप सचदेवा , राजीव घई , स्व o डॉ भारत सभरवाल , दिनेश मानसेरा की एक कमेटी बनाई गई जिसे कोर कमेटी का नाम दिया गया। जिसको उपमा के संगठन हित के समस्त निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया।
इस कोर कमेटी के संयुक्त प्रयासों से उत्तराखंड में समाज को एकजुट करने के लिए उत्तरांचल पंजाबी महासभा का गठन किया गया। जिसके सामाजिक और संस्कृतिक कार्यों के जन जन से जुड़ाव के चलते उत्तरांचल पंजाबी महासभा समाज में स्वीकार्यता एवं मान प्रतिष्ठा का प्रतीक बन गई है।
उपमा के अध्यक्ष के रूप में स्व o राममूर्ति कपूर जी, श्री तिलक राज बेहड ,श्री राजीव घई ,श्री सुभाष कोहली के कार्यकाल में उपमा ने समाज को नई दिशा और ऊर्जा से भरने का कार्य किया। जिससे पंजाबी समाज उत्तराखंड में गौरांवित हुआ।
उपमा ने पंजाबी त्योहारों लोहड़ी, बैसाखी और पंजाबी महाकुंभ के माध्यम से पूरे राज्य ही नहीं देश ,विदेश से भी पंजाबी समाज को जोड़कर पंजाबियत की अलख जगाई।
किंतु वर्ष विगत 4 वर्षों में उपमा को किसी की नजर लग गई और हमारे 2 बार अध्यक्ष रहे श्री राजीव घई जी द्वारा अपना कार्यकाल खत्म होने के बावजूद अपने पद को न छोड़ने की जिद पकड़ ली और जो कोर कमेटी हमेशा प्रदेश अध्यक्ष को चुनती है उसके दिशा निर्देशों को नकारते हुए स्वयंभुव अध्यक्ष घोषित करते हुए एक समानांतर पंजाबी सभा को जन्म दे दिया और समाज को बिखराव के रास्ते पर धकेल दिया।
कोर कमेटी के भरसक प्रयासों के बावजूद भी विगत 4 वर्षों में एकता को दरकिनार करते हुए अपनी ढ़पली अपना राग बजाते हुए उपमा को उत्तराखंड में दोराहे पर लाकर खड़ा कर दिया। पंजाबी समाज को भ्रमित कर अपनी चौधराहट दिखाने के प्रयास में उपमा के मूल उद्देश्यों को धूलधूसरित कर दिया।
प्रदेश अध्यक्ष श्री तिलक राज बेहड जी के प्रयासों से विगत वर्ष भी श्री राजीव घई की समाज को जोड़ने के प्रयासों को लेकर श्री दिनेश मानसेरा की मध्यस्तता में वार्ता हुई तो इन्होंने शर्त रखी कि पहले श्री तिलक राज बेहड अपनी अध्यक्षता से इस्तीफा दें तो मैं भी अपना इस्तीफा देकर किसी तीसरे व्यक्ति को जिसे कोर कमेटी चुनेगी उसे उपमा का अध्यक्ष बनाया जाएगा।
इस बात पर विगत नवंबर माह में कोर कमेटी की बैठक देहरादून में आयोजित की गई जिसमें श्री तिलक राज बेहड जी ने अपना इस्तीफा कोर कमेटी को सौंप दिया , किंतु उसके उपरांत भी श्री राजीव घई समाज की एकता को दरकिनार करते हुए अपना इस्तीफा सौंपने से मुकर गए। जिससे समाज की उलझन बरकरार रही।

ताजा घटनाक्रम में तिलक राज बेहड एवं राजीव घई के बीच बातचीत के बाद उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री श्री प्रदीप बत्रा के आवास पर कोर कमेटी की बैठक की बात 11 मई को तय हुई जिसमें श्री तिलक राज बेहड , सुभाष कोहली, दिनेश मानसेरा, प्रदीप सचदेवा , राजकुमार अरोड़ा जी, राकेश ओबेरॉय , सत्यपाल कोचर जी, राजीव घई जी, जगदीश पाहवा जी (जिन्हें विगत वर्षों में कोर कमेटी में जोड़ा गया है), हरीश नारंग ( प्रदेश महामंत्री के रूप में कार्यवाही को संचालित एवं रिकॉर्ड के लिए )को उपस्थित रहना था ।
किन्तु श्री राजीव घई द्वारा इस बैठक में कोर कमेटी के सदस्यों के अलावा भीड़ इकट्ठा करने के उद्देश्य से जगह जगह से अपने समर्थकों को निमंत्रण भेजे जाने की सूचना प्राप्त हो रही है।

अतः केबिनेट मंत्री श्री प्रदीप बत्रा जी के आवास पर 11 मई को होने वाली बैठक जो किसी अन्य निहितार्थ बुलाई जा रही है हम इस बैठक का हिस्सा नहीं बनेंगे।

उपमा की कोर कमेटी की बैठक किसी अन्य दिवस और समय पर बुलाई जाएगी।

निवेदक:-
तिलक राज बेहड़
राकेश ओबेरॉय
एस पी कोचर
सुभाष कोहली
राजकुमार अरोड़ा
दिनेश मानसेरा
प्रदीप सचदेवा
सदस्य कोर कमेटी