देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने नई दिल्ली स्थित मॉडर्न स्कूल में महावीर चक्र विजेता स्वर्गीय कर्नल सोनम वांगचुक को समर्पित नाट्य प्रस्तुति ‘द मोंक, द वॉरियर, द लीजेंड’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह प्रस्तुति केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और नेतृत्व के आदर्शों का जीवंत उत्सव है। राज्यपाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि एक सैन्य अधिकारी के रूप में उन्होंने कर्नल सोनम वांगचुक के साथ निकटता से कार्य किया है और उनका निडर नेतृत्व, स्पष्ट निर्णय क्षमता तथा राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ समर्पण सदैव प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने उन्हें “एक सच्चे वीर, एक स्नो वॉरियर और भारत माता के गौरवशाली सपूत” के रूप में स्मरण किया।
राज्यपाल ने कहा कि कर्नल सोनम वांगचुक ने ऑपरेशन विजय के दौरान लद्दाख स्काउट्स के 40 सैनिकों का नेतृत्व करते हुए अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में अदम्य साहस और नेतृत्व का परिचय दिया, जिसे सदैव याद किया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि कर्नल सोनम वांगचुक का साधारण व्यक्तित्व और जीवन आत्मानुशासन, करुणा, कर्तव्यनिष्ठा और अटूट राष्ट्रनिष्ठा का अद्वितीय संगम था। उन्होंने कहा कि महान नेतृत्व पद से नहीं, बल्कि आचरण, साहस और त्याग से स्थापित होता है तथा कर्नल वांगचुक का जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने एहसास ‘81’ फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की शक्ति केवल उसकी सीमाओं की सुरक्षा में नहीं, बल्कि अपने वीरों के प्रति उसके सम्मान और कृतज्ञता में भी निहित होती है। जो समाज अपने नायकों को स्मरण रखता है, वही आने वाली पीढ़ियों में चरित्र, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के संस्कार विकसित करता है। मॉडर्न स्कूल परिवार को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केन्द्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चरित्र निर्माण की प्रथम प्रयोगशाला होता है। उन्होंने कहा कि जिस परिसर में कर्नल सोनम वांगचुक ने छात्र जीवन की यात्रा प्रारम्भ की थी, उसी परिसर में आज उनकी जीवनगाथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनकर प्रस्तुत की जा रही है।
