
दिल्ली/देहरादून:उत्तराखंड में SIR (Special Intensive Revision) के मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं और चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और लोकतंत्र की मजबूती व निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की मांग उठाई। इस अवसर पर उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि आज हमने निर्वाचन आयोग को एक मेमोरेंडम प्रेषित किया है, उत्तराखंड में SIR के नाम पर जो इतनी बड़ी धांधली हो रही है, उसके गंभीर तथ्य आयोग के सामने रखना चाहते थे।

हमारे योग्य मतदाताओं के नाम गलत तरीके से सूची से काटे जा रहे हैं। किसी को कह दिया जाता है कि वह अपने पते पर रहता ही नहीं है। युवा लोगों तक को मृत घोषित कर दिया जाता है, किसी को अनुपस्थित दिखा दिया जाता है। आपको हैरानी होगी कि 1 ही व्यक्ति न जाने कितने लोगों के नाम काटने की शिकायत बार बार दे रहा है, लेकिन शिकायतकर्ता कौन है, उसका नाम और अता पता क्या है, इसका कुछ पता नहीं चलता।
नोटिस देने के नाम पर कागजी कार्रवाई दिखाई जाती है, लेकिन लोगों तक नोटिस पहुँचते ही नहीं हैं। और जो लोग यह गलत काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
सबसे दुख की बात यह है कि निर्वाचन आयोग अपने आपको भाजपा सरकार की गलत नीतियों से ऊपर क्यों नहीं रख रहा है?
हमने हमेशा निर्वाचन आयोग का आदर किया है। कांग्रेस की सरकारों के समय निर्वाचन आयोग का एक रुतबा और गरिमा होती थी। कहीं कुछ गलत होता था, चाहे सत्ता पक्ष ही क्यों न हो, आयोग गलत काम को नहीं होने देता था।
लोकतंत्र में हर 1 नागरिक की शिकायत की अहमियत है। हमारे संविधान के अनुसार हर नागरिक के मताधिकार की अहमियत है। लेकिन आज भाजपा सरकार का संविधान में विश्वास दिखाई नहीं देता और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा की भी लगातार धज्जियां उड़ रही हैं।
