मुख्य सचिव ने जनपदों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारियों एवं शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद स्तर से शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों को लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि विकास एवं जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करते हुए निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न हो और जनपदों की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपदों की आवश्यकताओं एवं जनहित से जुड़े प्रकरणों को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं सभी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से ऐसे चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जो लंबे समय से बिना सूचना अथवा अनुमति के अनुपस्थित चल रहे हैं। उन्होंने ऐसे चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने जनपद स्तरीय समितियों की बैठकों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं से विभागीय सचिवों को अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाए ताकि उन समस्याओं को पॉलिसी स्तर से दूर किया जा सके। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि ई-ऑफिस को गंभीरता से लागू कराया जाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि फाइलों के प्रचालन में गति लाई जा सके।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के जनपद एवं विकासखण्ड स्तर पर रिक्त पदों को भरे जाने अथवा आवश्यकतानुसार पद सृजित किए जाने, भूमि हस्तांतरण से सम्बन्धित प्रकरणों, विभिन्न विभागीय परियोजनाओं की स्वीकृति एवं बजट की उपलब्धता तथा चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। विभागों द्वारा मामलों पर अद्यतन स्थिति एवं निस्तारण की कार्यवाही की जानकारी दी गई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने डिस्ट्रिक्ट टेलीकॉम कमेटी की बैठकों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जनपदों में नेटवर्क से सम्बन्धित समस्याओं को डीडीजी टेलीकॉम एवं सचिव आईटी के संज्ञान में लाकर उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए तथा इस संबंध में अगले 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूर्ण करने को कहा गया। साथ ही, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति एवं विधवा महिलाओं की बेटियों के विवाह हेतु दी जाने वाली सहायता राशि के आवेदन की कट-ऑफ तिथि से संबंधित समस्या भी उठाई गई। जनपद स्तर से बताया गया कि फरवरी माह में निर्धारित कट-ऑफ तिथि के कारण मार्च माह में होने वाले विवाहों के लिए पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में कट-ऑफ तिथि से संबंधित प्रावधान को हटाए जाने की मांग रखी गई। बैठक के दौरान जनपदों द्वारा उठाई गई विभिन्न समस्याओं एवं लंबित प्रकरणों का मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए तत्काल निस्तारण किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एल. फैनाई, सचिव शैलेश बगौली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, रविनाथ रमन, डॉ. वी. षणमुगम, विनय शंकर पाण्डेय, ज्योति यादव, विनोद कुमार सुमन एवं राजेंद्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।