
देहरादून,बुधवार को गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, आढ़त बाजार, देहरादून के तत्ववाधान में साहेब गुरु रामदास साहिब जी का पावन प्रकाश पूरब श्रद्धा एवं उत्साह पूर्वक कथा–कीर्तन समागम के रूप में मनाया गया l
प्रात: नितनेम के पश्चात भाई हरविंदर सिंह जी ने आसा दी वार का शब्द “वाणी गुरु गुरु है वाणी, विच वाणी अमृत सारे “ का गायन किया । बीबी भानी इस्त्री जत्थे के द्वारा श्री सुखमनी साहिब जी के पाठ का भोग डाला गया ।
सिख मरजीवडे जत्थे के द्वारा शब्द “ धन धन रामदास गुर जिन सिरेया तिनै सवारियाँ “ का गायन कर संगत को निहाल किया ।
हैड ग्रंथी भाई शमशेर सिंह जी ने गुरमत विचार व्यक्त करते हुए कहा गुरु रामदास साहिब जी का जन्म लाहौर चुना मंडी में हुआ था गुरु रामदास साहिब जी सिखों के चौथा गुरु हैं उनके द्वारा श्री हरिमंदिर साहिब जी की उसारी की सेवा करवी गई, गुरु साहिब जी दावरा गुरु ग्रंथ साहिब में ३२ रागु में बाणी उचारी गई है
दरबार साहिब श्री अमृतसर से पधारे हजुरी रागी भाई गुरुदेव सिंह जी ने शब्द ” बैठा सोडी पातशाह रामदास सतगुरू कहावै” का गायन कर संगत को निहाल किया, गुरु घर से उनको सरोपा एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया l
श्री नीरज कोल्ही जी को उनकी सामाजिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया l
प्रधान स. गुरुबख़्श सिंह राजन जी व महासचिव स. गुलज़ार सिंह जी ने संगत को साहेब गुरु रामदास साहिब जी के प्रकाश पूरब की वधाइयाँ दी ।
मंच का संचालन देविंदर सिंह भसीन द्वारा करते हुए आगे आना वाले समागमों की जानकारी दी।, कार्यक्रम के पश्चात संगत ने गुरु का लंगर प्रशाद छका।.
कार्यक्रम में प्रधान स. गुरुबख़्श सिंह राजन जी, महासचिव स. गुलज़ार सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगमिंदर सिंह छाबड़ा, उपाध्यक्ष चरणजीत सिंह, मनजीत सिंह, सतनाम सिंह, देविंदर सिंह भसीन, गुरप्रीत सिंह जोली, अरविन्दर सिंह आदि उपस्थित रहे ।
