ड्रग्स तस्करी के लम्बित मामले 2 माह में निपटाए:अपर पुलिस महानिदेशक

देहरादून। अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ.वी.मुरूगेशन गुरुवार को समस्त जनपद प्रभारियों तथा परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से ड्रग फ्री देवभूमि मिशन के अंतर्गत वाणिज्यिक मात्रा से संबंधित एनडीपीएस एक्ट के लंबित अभियोगों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि वाणिज्यिक मात्रा से सम्बन्धित लम्बित अभियोगों की 12 सितंबर को आहूत गोष्ठी में दिये गये निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा कर वर्तमान में वर्ष 2023 के 4 तथा वर्ष 2024 के 15 लम्बित अभियोगों को एक समय सीमा के अन्तर्गत निस्तारित करने के निर्देश दिये गये। गढ़वाल परिक्षेत्र के जनपदों के कुल लम्बित 40 अभियोगों तथा कुमायूँ परिक्षेत्र के जनपदों के 47 लम्बित अभियोगों की गहन समीक्षा की गयी।
धारा 14 गैंगस्टर एक्ट तथा धारा 68 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियुक्तों द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को नियमानुसार कुर्क करने की कार्यवाही पर विशेष बल देते हुए, जनपदों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों में बिना देरी किए कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। अभ्यासिक अपराधियों को पीआईटी एनडीपीएस के अन्तर्गत निरूद्ध करने तथा हिस्ट्रीशीट खोलकर इनकी निरन्तर निगरानी करने हेतु भी निर्देशित किया गया। जिन मामलों में विवेचकों द्वारा अभियुक्त के आपराधिक इतिहास सहित आवश्यक जानकारी माननीय न्यायालय के समक्ष उपलब्ध नहीं कराई गई, ऐसे विवेचकों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए। कई अभियोगों में तस्करी में प्रयुक्त वाहनों के गलत रजिस्ट्रेशन नंबर पाए जाने पर निर्देशित किया कि विवेचना के दौरान इंजन एवं चेसिस नंबर के आधार पर वाहन स्वामी की पहचान कर नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाए। बरामद मादक पदार्थ के परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत भी विवेचना लंबित रखने वाले मामलों की जांच कर संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वाणिज्यिक मात्रा के मामलों में क्षेत्राधिकारी स्तर पर चेक-लिस्ट तैयार कर सभी विवेचनात्मक कार्यवाहियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
कई मामलों में तस्करी के नेटवर्क फाइनेन्सियल इन्वेस्टीगेशन,एवं गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही न किए जाने पर दोनों रेंज प्रभारियों को संबंधित विवेचकों की पहचान कर कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए गए। साथ ही अवशेष विवेचनात्मक कार्यवाही पूर्ण करने हेतु 02 माह का समय विवेचकों को दिया गया। गोष्ठी में सुनील कुमार मीणा-पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था,उत्तराखण्ड धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस उपमहानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था विशाखा अशोक भदाणे-पुलिस अधीक्षक, अपराध पुलिस मुख्यालय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।