देहरादून। अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरूगेशन द्वारा समस्त जनपद प्रभारियों तथा परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों के साथ राज्य में लोनी अर्बन मल्टी एंड स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के संचालकों के विरूद्ध पंजीकृत कुल 07 अभियोगों में की गयी पुलिस कार्यवाही की वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा की गयी। समीक्षा के दौरान जांच में तेजी लाने, अभियुक्तों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही करने तथा पीड़ितों के शिकायती प्रार्थना पत्रों पर तत्काल अभियोग पंजीकृत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि राज्य में लगभग 35 शाखाओं के मुख्य संचालक समीर अग्रवाल (निवासी मुम्बई), पंकज अग्रवाल (निवासी मध्यप्रदेश), एवं शबाब हुसैन (निवासी उत्तर प्रदेश) आदि के विदेश भागने की संभावना को ध्यान में रखते हुए लुक आउट सर्कुलर/रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैधानिक कार्यवाही हेतु इंटरपोल की सहायता ली जाए। साथ ही, जो अभियुक्त उत्तर प्रदेश की विभिन्न कारागारों में निरुद्ध हैं, उन्हें वारंट बी पर लाकर नियमानुसार पुलिस कस्टडी रिमांड में लिया जाए एवं निवेशकों की संपत्ति बरामद की जाए और इनके द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गयी सम्पत्ति को अधिग्रहित किया जाए। पंजीकृत अभियोगों की विस्तृत रिपोर्ट, प्रवर्तन निदेशालय तथा आयकर विभाग, भारत सरकार के स्थानीय कार्यालयों को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही मनी ट्रेल के आधार पर अभियुक्तों के बैंक खार्तों को फ्रीज करने की भी कार्यवाही की जाए। विवेचना के दौरान रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से अभिलेख प्राप्त कर, साक्ष्य के आधार पर उत्तराखंड जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण, सीटी, 2005 (यूपीआईडी घ्घ्अधिनियम) वीएफकेओके अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम, 2019 (बीयूडीएस अधिनियम) के तहत भी अभियोग पंजीकृत किए जाएं, ताकि निवेशकों एवं पीड़ितों की धनराशि लौटाने हेतु सक्षम अधिकारी से पत्राचार किया जा सके। बैठक में नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस उप महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, यशवंत चौहान, पुलिस अधीक्षक सीआईडी सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।