

देहरादून 6 नवम्बर? राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आज देहरादून स्थित गुरुद्वारा रेसकोर्स प्रबंधक समिति द्वारा आयोजित लाइट, साइट एंड साउंड शो में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस पर आधारित इस कार्यक्रम में सुख नावर रंग मंच, पटियाला द्वारा अद्भुत लाइट,साइट एंड साउंड शो प्रस्तुत किया गया,जिसने सभी उपस्थित दर्शकों को गुरु तेग बहादुर जी के जीवन,साहस और आध्यात्मिकता की अमर गाथा से अभिभूत कर दिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन सत्य, साहस और सेवा का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपना सिर दे दिया,पर सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया,इसीलिए उन्हें ‘हिन्द दी चादर’ कहा गया। राज्यपाल ने कहा कि यह प्रस्तुति गुरु साहिब की उस अमर भावना का प्रतीक है, जहाँ सच्चा धर्म,निडरता और आत्मबल एकाकार होते हैं। उन्होंने कहा कि आज की यह पावन संध्या हमें स्मरण कराती है कि धर्म किसी पर थोपा नहीं जा सकता, बल्कि वह आत्मा की स्वतंत्रता से उपजता है। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड की यह देवभूमि आज गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं के प्रकाश से आलोकित है, जो हमें सत्य, साहस और सेवा का संदेश देती हैं। उन्होंने विशेष रूप से उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे गुरु साहिब के जीवन से प्रेरणा लेकर सत्य, निडरता और मानव सेवा के मार्ग पर चलें। यही सच्ची देशभक्ति और राष्ट्रनिर्माण की दिशा है। राज्यपाल ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान केवल धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए नहीं था,बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए यह संदेश था कि सत्य और न्याय की राह पर अडिग रहना ही जीवन का सर्वोच्च धर्म है। आज जब विश्व अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है,तब गुरु जी की शिक्षाएँ हमें एकता,सद्भाव और मानवता की ओर ले जाने वाली प्रेरणा हैं। इस अवसर विधायक श्री खजान दास, हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा,अध्यक्ष रेसकोर्स गुरुद्वारा,प्रबंधन कमेटी बलबीर सिंह साहनी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
