देहरादून। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने देहरादून में आयोजित उत्तराखंड वैस्कुलर समिट के अंतर्गत “पुनः जीवन” थीम पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देशभर से आए चिकित्सकों एवं चिकित्सा विशेषज्ञों से संवाद किया तथा संवहनी रोगों के उपचार एवं अंग-विच्छेदन की रोकथाम को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की। श्री उनियाल ने कहा कि “कदम सलामत, कल सलामत” केवल एक संदेश नहीं, बल्कि लोगों को संवहनी रोगों के प्रति जागरूक करने और समय पर उपचार के लिए प्रेरित करने का संकल्प है। समय पर बीमारी की पहचान और उचित उपचार के माध्यम से कई गंभीर परिस्थितियों से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का निरंतर प्रयास है कि उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ सेवाओं को बढ़ावा देने के साथ ही स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को अंग-विच्छेदन मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में सरकार, चिकित्सकों और स्वास्थ्य संस्थानों के सामूहिक प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऐसे आयोजन चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव साझा करने के साथ-साथ प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में भी सहायक सिद्ध होंगे।
उन्होंने उत्तराखंड वैस्कुलर समिट के आयोजन के लिए आयोजकों एवं देशभर से पहुंचे चिकित्सकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संवहनी रोगों के प्रति जागरूकता और आधुनिक उपचार की पहुंच बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है।
