देहरादून। राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्यों के रिक्त पदों पर शीघ्र पदोन्नति की जायेगी, इसके लिये विभागीय अधिकारियों को डीपीसी का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा राजकीय महाविद्यालयों के अंतर्गत छात्रावासों के संचालन को एक सप्ताह के भीतर एसओपी तैयार करने को भी कहा गया है। महाविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के तहत समय पर पूरा करने के निर्देश भी बैठक में दिये गये हैं। सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर उच्च शिक्षा विभाग की बैठक ली। जिसमें उन्होंने प्रभारी निदेशक उच्च शिक्षा को राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्यों के रिक्त पदों पर शीघ्र डीपीसी कराने के निर्देश दिये, ताकि जिन महाविद्यालयों में प्राचार्य के पद रिक्त हैं वहां प्राचार्य भेजे जा सके। इसके लिये उन्होंने डीपीसी का प्रस्ताव शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने को कहा। डाॅ. रावत ने कहा कि लगभग दो दर्जन महाविद्यालयों में प्राचार्यों के पद रिक्त चल रहे हैं जिन पर पदोन्नति की जानी है। डाॅ. रावत ने राजकीय महाविद्यालयों में छात्रावासों के संचालन को अब तक एसओपी तैयार न किये जाने पर विभागीय अधिकारियों से नाराजगी जताते हुये कहा कि एक सप्ताह के भीतर एसओपी तैयार कर छात्रावासों का सुचारू संचालन किया जाय, ताकि छात्र-छात्राओं को छात्रावासों में बेहतर सुविधाएं मिल सके।
बैठक में विभागीय मंत्री ने विभिन्न महाविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुये राजकीय महाविद्यालय बेतालघाट, पोखड़ा, हल्द्वानी शहर, देहरादून शहर तथा बेरीनाग में प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य को धनराशि जारी करने के निर्देश दिये। इसके अलावा अन्य नये एवं पुराने निर्माण कार्यों के लिये भी शीघ्र धनराशि जारी करने को भी कहा। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न महाविद्यालयों में शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग के विभिन्न रिक्त पदों पर स्थाई नियुक्ति होने तक संविदा एवं आउटसोर्स के माध्यम से भरने के निर्देश भी दिये। डाॅ. रावत ने समर्थ पोर्टल के संचालन में आ रही समस्याओं के शीघ्र निराकरण को भी अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में अपर सचिव मुनज गोयल, संयुक्त सचिव प्रदीप नौटियाल, प्रभारी निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. ए.एस. उनियाल, उप सचिव दीपक कुमार, उप निदेशक डाॅ. ममता नैथाणी, नोडल रूसा डाॅ. अनीता रावत सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
