देहरादून: उत्तराखंड के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) और विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों (Food Processing Industries) को राज्य सरकार से एक बड़ी राहत मिली है। हाल ही में रिटेल पेट्रोल पंपों से डीजल आपूर्ति पर लगी पाबंदियों के कारण राज्य भर के बेकरी,नमकीन और अन्य खाद्य उद्योगों व MSMEs उद्योगों के सामने परिचालन ठप होने का संकट खड़ा हो गया था। इस गंभीर समस्या के निवारण हेतु फूड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (FIAU) द्वारा सरकार को सौंपे गए ज्ञापन (Representation to Cabinet Minister Smt Rekha Arya) पर त्वरित कार्रवाई करते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने स्पष्टीकरण आदेश जारी कर दिया है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा जारी 11-6-2026 के नवीन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वैध MSME इकाइयाँ पेट्रोलियम नियम, 2002 के तहत बिना किसी व्यवधान के 200 लीटर के containers में पेट्रोल पंप से diesal ले सकेंगी तथा 2500 लीटर तक डीजल का भंडारण कर सकेंगी। 2,500 लीटर तक डीजल सुगमता से प्राप्त कर सकती हैं। इस निर्णय से राज्य के हजारों छोटे उद्योगों को बड़ी राहत मिली है और उनके बंद होने का खतरा टल गया है।
इस ऐतिहासिक सफलता पर फूड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (FIAU) ने राज्य सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। एसोसिएशन के राज्य समन्वयक अनिल मारवाह एवं सह-समन्वयक पवन अग्रवाल ने एक संयुक्त बयान में कहा, “हम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अत्यंत आभारी हैं, जिनके दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश के उद्योगों के हितों की रक्षा हमेशा प्राथमिकता पर रहती है। इसके साथ ही हम कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या का सहृदय धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने हमारे ज्ञापन को संवेदनशीलता से सुना और तुरंत इस पर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की।”
एसोसिएशन ने इस मामले में त्वरित प्रशासनिक कदम उठाने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के आयुक्त बंशी लाल राणा , अपर आयुक्त पी एस पाँगती जी तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों का भी विशेष आभार प्रकट किया, जिन्होंने नियमों की सही व्याख्या करते हुए समय पर यह स्पष्टीकरण आदेश जारी किया।
पदाधिकारियों ने अंत में कहा कि यह राहत FIAU एसोसिएशन के सभी सम्मानित सदस्यों के एकजुट और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। एसोसिएशन भविष्य में भी उत्तराखंड के आर्थिक विकास और उद्यमियों के हितों की सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।
