देहरादून: पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के दिशा निर्देशन व निलेश आनन्द भरणे पुलिस महानिरीक्षक साईबर / एसटीएफ के निकट पर्य़वेक्षण में साईबर धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है!
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि एक महिला को टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से संपर्क कर शेयर मार्केट में ट्रेडिंग में निवेश कराने एंव अधिक लाभ कमाने का झांसा दिया गया। साईबर अपराधियों के द्वारा फर्जी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराकर विभिन्न “बेनिफिशियरी खातों” में किस्तों में धनराशि जमा करायी गयी। कृत्रिम लाभ/हानि दर्शाकर लगातार अधिक निवेश हेतु दबाव बनाया गया। इस प्रकार महिला पीड़ित से लगभग बीस लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की गई। धन वापसी मांगने पर आरोपियों द्वारा अतिरिक्त धन की मांग की गयी। उक्त घटना को लेकर में साईबर थाना देहरादून पर मु0अ0सं0 63/2025 अन्तर्गत धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एंव 66 डी आई टी पंजीकृत की गयी है।
प्रकरण की गंम्भीरता को देखते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक कुश मिश्रा आई0पी0एस0 के निकट पर्यवेक्षण में अभियोग की विवेचना निरीक्षक / विवेचक विजय भारती, साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, गढ़वाल परिक्षेत्र, देहरादून के सुपुर्द कर अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। प्रकरण में विधिक कार्यवाही करते हुए पाये गया कि अभियुक्त अनिल कुमार द्वारा अपने साथी के साथ मिलकर पंजाब ग्रामीण बैक लुधियाना में अपने नाम पर एक खाता खोला गया। जिसके बाद अभियुक्त के द्वारा उपरोक्त खाते की जानकारी अपने साथी एंव अन्य साईबर अपराधियों के साथ साझा की गयी। जिस पर अभियुक्त के उपरोक्त खाते में लाखो रुपये की धनराशी का लेन देन होना पाया गया। जिस खाते के विरुद्ध एनसीआरपी पोर्टल पर तीन शिकायत भी दर्ज होना पाया गया। शिकायतकर्ता के साथ हुयी धोखाधड़ी के करीब दो लाख रुपये उपरोक्त खाते में क्रेडिट हुये है। जिस सम्बन्ध में अभियुक्त उपरोक्त को दिनाँक 26.03.2026 को लुधियाना से देहरादून लाकर गहन पूछताछ की गयी एंव साथियों के बारे में पूछताछ जारी है एंव अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
