ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर संगठित साइबर फ्रॉड गैंग का खुलासा, गैंग का एक सदस्य लुधियाना से गिरफ्तार

देहरादून: ओनएजीसी के सेवानिवृत्त अफसर से 1.87 करोड़ रुपये ठगने के आरोप में एसटीएफ ने शुक्रवार को लुधियाना पंजाब से ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूर्व अफसर को निवेश के नाम पर ठगा था। इस रकम में से साइबर पुलिस ने 40 लाख रुपये होल्ड भी कराए थे। आरोपी ने ठगी के लिए दो महीने पहले ही एक खाता खुलवाया था। इसी खाते में ठगी की रकम ट्रांसफर कराई गई थी। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि पीड़ित ने गत 15 अप्रैल को शिकायत की थी। बताया था कि उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी का कर्मचारी बताया था। उसने निवेश में मुनाफा कमाने का लालच दिया और पीड़ित का एक कथित हाई नेट वर्थ ट्रेडिंग खाता खोला।

उसने संस्थागत, ओवर द काउंटर और आईपीओ के माध्यम से शेयर खरीदने की बात कही। उसने खुद को सेबी में रजिस्टर्ड भी बताया था। गत 31 जनवरी को उन्हें इस पूरे प्लान के बारे में व्हाट्सएप पर मैसेज मिला था। उन्हें एबीएसएल द ग्रुप ऑफ विसडम नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया।

इसमें ट्रेडिंग के बारे में बताया जाता था। साथ ही कुछ ऐसे स्क्रीनशॉट भी ग्रुप पर साझा किए जाते थे जिनमें बड़ा मुनाफा दर्शाया जाता था। इसे देखकर पीड़ित भी लालच में आ गए और विभिन्न तिथियों में एक ठग के बताए खाते में 1.87 करोड़ रुपये जमा कर दिए। साइबर पुलिस ने इस खाते में 40 लाख रुपये का होल्ड भी लगा दिया।

इसके बाद जांच शुरू की गई तो मेटा कंपनी से पत्राचार कर संबंधित ग्रुप के संचालक का पता लगाया गया। इसमें लुधियाना के बस्ती जोदेवाला के नूराला रोड शिवपुरी निवासी सुखराज सिंह का नाम सामने आया। एसटीएफ की टीम ने शुक्रवार को उसे लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया।