श्रद्धापूर्वक मनाई गई बैसाखी एव खालसा पंथ का सृजना दिवस

देहरादून:बैसाखी के पावन पर्व एव खालसा पंथ के सृजना दिवस की शुभ बेला पर आज गुरुद्वारा श्री सिंह सभा आढ़त बाज़ार के तत्वावधान में बैसाखी का पर्व एव खालसा सृजना दिवस कथा -कीर्तन के रूप में श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। प्रात: नितनेम के पश्चात हज़ूरी रागी भाई नरेंद्र सिंह जी ने आसा दी वार का शब्द ” अमृत का व्यापारी होवै किआ मदि छूछै भाउ धरे ” का गायन किया एवं सेवक परिवार के द्वारा रखे गये श्री अखण्ड पाठ साहिब के भोग डाले गये l हजूरी रागी जत्था भाई मनप्रीत सिंह जी ने ”अमृत पीआ सतगुरि दीआ अवरु न जाणा दूआ तीआ एवं खालसा मेरो रूप है खास खालसे मैहू करो निवास” का शब्द गायन किया,हैंड ग्रंथी ज्ञानी शमशेर सिंह जी ने कथा करते हुए बताया कि वैसाख के महीने में जो जीव परमेश्वर का नाम सिमरते है उनके लिए सुख भरा होता है पर जो प्रभु से दूर है उनका मन धीरज में नहीं आ सकता, वैसाखी वाले दिन 1699 को गुरु गोविंद सिंह जी ने अमृत तैयार करके पांच प्यारो को छका कर सिंह बनाया तथा गुरु साहिब जी ने आप पांच प्यारो से अमृत छककर गुरु गोविंद राये से गुरु गोविंद सिंह जी सजे ऐसा करके गुरु साहिब जी ने सभ जात -पात का भेदभाव खत्म किया।
गुरद्वारा पौंटा साहिब जी के प्रसिद्ध रागी भाई परमजीत सिंह जी ने “तुही निसानी जीत की आजु तुही जगबीर” का शब्द गायन किया,कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे दरबार श्री अमृतसर साहिब जी के हजूरी रागी भाई तजिंदर सिंह जी ने “अमृत पीवहु सदा जिर जीवहु हरि सिमरत अनद आनंता” का शब्द गायन किया। भाई शमशेर सिंह ने सरबत के भले के लिए अरदास की व गुरु साहिब जी का हुक्म संगतों को श्रवण करवाया। खालसा साजना दिवस के अवसर पर विशेष तौर खंडे-बाटे की पाहुल तैयार की गई जिसमें 40 प्राणियों को अमृत पान करवाया गया।
सरदार गुरबख्श सिंह राजन के द्वारा संगतों को वैसाख महीने की संग्राद व खालसा सृजना दिवस की बधाई दी। महासचिव स.गुलजार सिंह के द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एव पुष्कर सिंह धामी को खालसा सृजना दिवस व वैशाखी के पर्व पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने संगतों को और गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के द्वारा संचालित चैरिटेबल फिजियोथैरेपी सेंटर के बारे में जानकारी देते हुए संगत से अधिक से इस सुविधा का लाभ उठाने की विनती की।

मंच का संचालन करते हुए दविदर सिंह भसीन ने सभी को बैशाखी की बधाई देते हुए कहा कि हमें अमृत छक कर गुरु जी के बताये हुए मार्ग पर चलना चाहिए। गुरमत समागम में
विशेष तौर पर पंज प्यारे साहिबान,व पहुँचे रागी जत्थे, स.दविदर सिंह सहदेव,मनजीत सिंह, तिलक राज कालरा,नवतेज सिंह,रोबिन सिंह व समाज सेवी नीरज कोहली को शाल व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया ॥

कार्यक्रम के पश्चात संगत ने गुरु का लंगर व प्रशाद ग्रहण किया। इस अवसर पर सरदार गुरबख्श सिंह जी राजन अध्यक्ष, सरदार गुलज़ार सिंह महासचिव, सरदार जगमिंदर सिंह छाबड़ा वरिष्ठ उपाध्यक्ष ,सरदार चरणजीत सिंह उपाध्यक्ष,सरदार मंजीत सिंह, देवेंद्र सिंह भसीन,गुरप्रीत सिंह जौली जी, सरदार सतनाम सिंह जी, के, सरदार कुलवंत सिंह,सरदार हरप्रीत सिंह छाबड़ा,सुरजीत सिंह कोहली,मदन सिंह,सरदार इंदरजीत सिंह ,आदि उपस्थित रहे।