देहरादून। आमजन की समस्याओं का त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समाधान दिवस में जनसुनवाई का व्यापक आयोजन किया गया। समाधान दिवस में 109 फरियादियों ने अपनी शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। इनमें से अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, पारिवारिक विवाद, ऋण माफी, मुआवजा, आर्थिक सहायता तथा विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े प्रकरण प्रमुखता से सामने आए।
समाधान दिवस में एक अत्यंत मार्मिक मामला भी सामने आया। कोविड-19 महामारी और पारिवारिक त्रासदियों से गुजर चुकीं 75 वर्षीय विधवा माया देवी ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि बड़े बेटे की कोविड काल में तथा छोटे बेटे की गत वर्ष मृत्यु हो जाने के बाद वह अपने पुस्तैनी मकान में अकेली रह गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी नातिन गलत संगति और नशे की गिरफ्त में आने के बाद अपने एक मित्र के साथ पुस्तैनी मकान में ‘लिव-इन’ में रह रही है तथा उनका मानसिक एवं घरेलू उत्पीड़न कर उन्हें घर से बेदखल करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा, सम्मानपूर्वक जीवन तथा अपनी गुमराह नातिन को सही मार्ग पर लाने में सहयोग की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने प्रभारी महिला सेल, देहरादून को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
विधवा भगवान देई ने शिकायत की कि दोनों पुत्रों में संपत्ति का बराबर बंटवारा होने के बावजूद छोटा पुत्र एवं बहू बड़े पुत्र के हिस्से की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं तथा जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर एवं क्षेत्राधिकारी रायपुर को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कांवली रोड निवासी सुरेन्द्र कुमार ने पुत्र एवं बहू द्वारा मारपीट, गाली-गलौज और धमकी दिए जाने की शिकायत करते हुए बड़े पुत्र को अपनी चल एवं अचल संपत्ति से बेदखल करने की मांग की। इस मामले में जिलाधिकारी ने सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। देहरादून-डोईवाला-भानियावाला-जौ
विकासखंड कालसी के लूहन गांव के छह कृषक परिवारों ने लखवाड़ बांध परियोजना के अंतर्गत अधिग्रहित कृषि भूमि का पुनर्स्थापन अनुदान न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिशासी अभियंता को तत्काल आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। प्रेमनगर निवासी सुनील कुमार ने शिकायत की कि डोईवाला-प्रेमनगर सड़क चैड़ीकरण के दौरान छह वर्ष पूर्व उनका मकान पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया, लेकिन लोक निर्माण विभाग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पात्र मुआवजे का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बल्लूपुर निवासी रमेश चन्द्र द्वारा भूमि की पैमाइश कराने की मांग पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं अधोईवाला स्थित आंचल डेयरी परिसर में दुग्ध संघ में कथित अनियमितताओं की शिकायत पर निदेशक डेयरी को उच्चस्तरीय जांच कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। हरिपुर ढकरानी निवासी बाबूराम द्वारा पेयजल कनेक्शन का अत्यधिक बिल आने की शिकायत पर अधिशासी अभियंता, जल संस्थान को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। समाधान दिवस के अंत में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का गंभीरता, संवेदनशीलता एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सीएम पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण करें। समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशा) स्मृता परमार, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
